इस आश्रम में पत्नी द्वारा सताए पतियों को मिलता है आसरा, लेकिन पूरी करनी पड़ती है ये शर्त

आपने वृद्धाश्रम, अनाथाश्रम तो देखे होंगे, जहां अनाथ और बूढ़े बेसहारा लोगों को रहने के लिए जगह मिलती है. लेकिन आज हम आपको एक ऐसे आश्रम के बारे में बता रहे हैं, जहां पत्नियों द्वारा सताए गए पतियों को आसरा मिलता है. यह बात कोई मजाक नहीं बिल्कुल सच है. यह आश्रम महाराष्ट्र के औरंगाबाद जिले में है, जिसका नाम पत्नी पीड़ित पुरुष आश्रम है, जो मुंबई-शिरडी हाईवे से 12 किलोमीटर दूरी पर है.

इस आश्रम में वही लोग रह सकते हैं जिनको पत्नी द्वारा सताया गया हो. इस आश्रम में रहने के लिए आपको कुछ मानदंडों को पूरा करना होता है. यह आश्रम बनाने का आईडिया भारत फुलारे नाम के एक व्यक्ति को आया था, क्योंकि वह खुद अपनी पत्नी के द्वारा सताए गए थे. उनकी पत्नी ने उनके खिलाफ 4 केस किए थे, जिस वजह से उनकी जिंदगी पूरी तरह से तबाह हो गई.

उनका समाज में मान-सम्मान खत्म हो गया और रिश्तेदार भी उनसे दूर हो गए. कोई उनसे बात तक नहीं करता था. इस वजह से वह घर से बाहर तक नहीं निकलते थे और उनके दिमाग में आत्महत्या करने जैसे ख्याल आते थे. लेकिन कुछ समय बाद उनकी मुलाकात उनके जैसे ही लोगों से हुई, जिनकी पत्नियों ने उन्हें सताया था, तभी भारत फुलारे ने निर्णय कर लिया कि वह ऐसे लोगों की मदद करेंगे.

फिर भारत फुलारे ने कानूनी सलाह ली और अपनी बीवी के अत्याचार से मुक्त हो गए. इस आश्रम में वही लोग रह सकते हैं, जिनके ऊपर पत्नी ने कम से कम 40 केस कर रखे हो. अगर पत्नी की वजह से आपकी नौकरी चली गई है तो आप भी इस आश्रम में जाकर रह सकते हैं.

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