देश का पहला IAS अधिकारी, जिसने पैरालंपिक में जीता मेडल, दिव्यांग होने के बावजूद लिखी सफलता की कहानी

उत्तर प्रदेश के गौतमबुद्ध नगर के डीएम सुहास एलवाई ने पैरालंपिक में मेडल जीता. वह देश के पहले आईएएस अधिकारी हैं, जिन्होंने यह उपलब्धि हासिल की है. सुहास एलवाई कर्नाटक के छोटे से गांव से ताल्लुक रखते हैं. वह जन्म से ही दिव्यांग हैं, उनके पैरों में विकार है. लेकिन कभी भी उन्होंने दिव्यांगता को अपने ऊपर हावी नहीं होने दिया और अपने सपनों के बीच आने नहीं दिया.

सुहास की बचपन से ही खेलों में दिलचस्पी थी. परिवार वालों की तरफ से भी उन्हें पूरा सपोर्ट मिला. वह पढ़ाई में भी बहुत होशियार थे. लेकिन दिव्यांग होने की वजह से अक्सर लोग उन्हें ताना मारते थे. सुहास ने नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी से कंप्यूटर साइंस में इंजीनियरिंग की डिग्री हासिल थी.

2005 में उनके पिता का निधन हो गया. इसके बाद भी वह टूटे नहीं. उन्होंने सिविल सर्विसेज परीक्षा की तैयारी की और वह यूपीएससी परीक्षा में पास भी हो गए. इसके बाद उन्हें आगरा में पोस्टिंग मिल गई. इसके बाद वह आजमगढ़, हाथरस, महाराजगंज, जौनपुर, प्रयागराज, गौतमबुद्ध नगर के जिलाअधिकारी बन.

लेकिन उनके अंदर खेलों को लेकर काफी रुचि थी. सुहास ने थकान मिटाने के लिए बैडमिंटन खेलना शुरू कर दिया. 2016 में उन्होंने इंटरनेशनल मैच खेलना शुरू किया और फिर कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा. वह रविवार को हुए पुरुषों के एकल SL4 इवेंट में हार गए और उन्हें सिल्वर मेडल से ही संतोष करना पड़ा.

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