देश की सेवा के लिए छोड़ दी TCS में इंजीनियर की नौकरी और बन गई भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट ऑफिसर

महिलाएं किसी भी मामले में पुरुषों से पीछे नहीं हैं. महिलाएं हर क्षेत्र में पुरुषों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चल रही हैं. आज हम आपको देश की उस महिला की कहानी बता रहे हैं, जो 4 साल पहले देश की पहली प्रादेशिक सेना ऑफिसर लेफ्टिनेंट बनी हैं, जिनका नाम शिल्पी गर्गमुख है.

बिहार में जन्मीं शिल्पी गर्गमुख ने 10वीं और 12वीं में टॉप किया था. उन्होंने बिरसा प्रौद्योगिकी इंस्टीट्यूट से केमिकल इंजीनियरिंग की डिग्री प्राप्त की. उन्हें हैदराबाद में टीसीएस की नौकरी मिली. लेकिन वह देश की सेवा करना चाहती थीं. इसीलिए उन्होंने भारतीय सेना में आने का मन बना लिया.

फिर वह एक एनजीओ अंकलेश्वर केमिकल इंजीनियरिंग में मैकेनिकल इंजीनियरिंग पद के लिए नियुक्त हुईं. तब उन्हें पता चला कि वह एनजीओ की मदद से भारतीय सेना में जा सकती हैं. उन्होंने अपनी मेहनत से जांच और परीक्षा दोनों पास कर अपना सपना पूरा किया.

2016 में 5 अक्टूबर को उन्हें प्रादेशिक सेना ऑफिसर लेफ्टिनेंट के पद पर नियुक्त किया गया. वह देश की पहली प्रादेशिक सेना ऑफिसर लेफ्टिनेंट बनीं. उन्होंने बाकी महिलाओं के लिए मिसाल कायम की है.

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