सैफ अली खान की 1100 करोड रुपए की प्रॉपर्टी में तैमूर को एक भी हिस्सा नहीं मिलेगा, जानिए क्या है इसकी वजह

पटौदी खानदान के चिराग सैफ अली खान को भले कौन नहीं जानता बॉलीवुड के एक्टरों में शुमार किए जाने वाले सैफ अली खान पिछले 30 सालों से बॉलीवुड में काम कर रहे हैं लेकिन हाल ही में सैफ अली खान कुह ज्यादा ही चर्चा में बने हुए हैं यह चर्चा उनके फिल्मों को लेकर नहीं बल्कि उनके प्रॉपर्टी को लेकर बताया जा रहा है पटौदी खानदान के चिराग सैफ अली खान के पास अच्छी खासी वसीयत है लेकिन उनकी वसीयत का वारिश छोटे बेटे तैमूर अली खान नहीं हो सकते दरअसल सैफ अली खान आजकल अपनी प्रॉपर्टी को लेकर विवाद में फंसे हुए हैं उनकी पूरी मूवेबल और इन मूवेबल प्रॉपर्टी एनीमी प्रॉपर्टी एक्ट की जद में है इस एक्ट के मुताबिक यदि कोई एनिमी अपनी वारिस होने का दावा प्रस्तुत करना चाहता है तो उस एनीमी को कोर्ट में मुकदमा करना पड़ता है।

नवाब पटौदी की प्रॉपर्टी शुरू से ही विवादों में घिरी हुई है भोपाल में उनकी ज्यादातर जमीन जायदाद मौजूद है और वह सारी ज्यादातर एनीमी प्रॉपर्टी एक्ट के अंदर आ चुकी है गृह मंत्रालय का एनीमी प्रॉपर्टी डिपार्टमेंट इस प्रॉपर्टी की लंबे समय से जांच पड़ताल कर रहा है भोपाल के नवाब हमीदुल्लाह खान ने जायदाद का वारिस अपनी बड़ी बेटी अबीदा को बनाया है जो कि पाकिस्तान चली गई है इसके बाद इस प्रॉपर्टी पर मंझली बेटी साजिदा सुल्तान के परिवार का कब्जा हो गया जिस्के पोते हैं सैफ अली खान यानी हमीदुल्लाह के परपोते।

हमीदुल्लाह के नहीं थे कोई भी बेटा।
हमीदुल्लाह का कोई बेटा नहीं था बड़ी बेटी अबीदा पाकिस्तान चली गई थी और सबसे छोटी बेटी राबिया अपने ससुराल चली गई थी इसीलिए मझली बेटी साजिदा सुल्तान की नवाबों की वारिस बनी साजिदा सुल्तान की शादी पटौदी के नवाब इफ्तिखार अली से हुई थी उनका एक बेटा और दो बेटियां थी बेटे का नाम मंसूर अली खान पटौदी था।

अजीदा सुल्तान और सबीहा सुल्तान उनकी बेटियां थी जिनकी शादी हैदराबाद में की गई थी मंसूर अली खान पटौदी के एक्ट्रेस शर्मिला टैगोर की शादी की बेटा होने के चलते पूरी जा जानेमन मंसूर खान पटौदी ने संभाल ली और उनके बाद शर्मिला टैगोर और सैफ अली खान इसे संभाल रहे थे।

एनिमी प्रॉपर्टी प्रोटेक्शन एंड रजिस्ट्रेशन एक्ट 1966 मैं बनाता फरवरी 2015 के आदेश में केंद्र सरकार ने हमीदुल्लाह खान की वारिश से सैफ की डीडी साजिदा सुल्तान को नहीं माना बल्कि उनकी बड़ी बहन अमिता को माना जो कि 1950 में पाकिस्तान चली गई थी केंद्र सरकार ने अभी तक की प्रॉपर्टी का ब्यौरा भी मध्य प्रदेश सरकार से मांगा था एनीमी प्रॉपर्टी अमेंडमेंट ऑर्डिनेंस 2016 के लागू होने और एनिमी सिटीजन की नई परिभाषा के बाद विरासत में मिली ऐसी प्रॉपर्टीज इंडियन सिटीजन का मालिकाना हक खत्म हो चुका है।

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